भारत के विश्व धरोहर स्थल
चलो आज हम जानते है विश्व के कुछ नायाब वास्तुशिल्प के बारे में, ऐसे कुछ जानकारी जो बोहोत लोगो को पता नही है। विश्व में कुछ ऎतिहसिक साक्ष देते हुए कुछ वास्तु है जो कि बोहोत ही सुंदर है और हमें दंग कर देती है। जीने देख कर हमें ऐसा लगता है कि मानो ये सपने जैसा ही खूबसूरत है। विश्वभर में जितने भी ऐतिहासिक वास्तु है उनके संरक्षण के लिए विश्व भर में एक संघटना काम करती है। जिसका कार्य यह है कि विश्व के सभी वास्तु जो ऐतिहासिक हो, उनका संरक्षण किया जाय। उस संघटन का नाम है युनेस्को.
युनेस्को का परिचय
यूनेस्को (UNESCO) 'संयुक्त राष्ट्र , शैक्षणिक वैज्ञानिक एवं सांस्कृतिक संगठन (United Nations Educational Scientific and Cultural Organization)' का लघुरूप है।
संयुक्त राष्ट्र शैक्षणिक, वैज्ञानिक तथा सांस्कृतिक संगठन (यूनेस्को) संयुक्त राष्ट्र का एक घटक निकाय है। इसका कार्य शिक्षा, प्रकृति तथा समाज विज्ञान, संस्कृति तथा संचार के माध्यम से अंतराष्ट्रीय शांति को बढ़ावा देना है। संयुक्त राष्ट्र की इस विशेष संस्था का गठन 16 नवम्बर 1945 को हुआ था। इसका उद्देश्य शिक्षा एवं संस्कृति के अंतरराष्ट्रीय सहयोग से शांति एवं सुरक्षा की स्थापना करना है, ताकि संयुक्त राष्ट्र के चार्टर में वर्णित न्याय, कानून का राज, मानवाधिकार एवं मौलिक स्वतंत्रता हेतु वैश्विक सहमति बने|
यूनेस्को के 193 सदस्य देश हैं और 11 सहयोगी सदस्य देश और दो पर्यवेक्षक सदस्य देश हैं। इसके कुछ सदस्य स्वतंत्र देश भी नहीं हैं। इसका मुख्यालय पेरिस (फ्रांस) में है। इसके ज्यादार क्षेत्रीय कार्यालय क्लस्टर के रूप में है, जिसके अंतर्गत तीन-चार देश आते हैं, इसके अलावा इसके राष्ट्रीय और क्षेत्रीय कार्यालय भी हैं। यूनेस्को के 27 क्लस्टर कार्यालय और 21 राष्ट्रीय कार्यालय हैं।
यूनेस्को मुख्यतः शिक्षा, प्राकृतिक विज्ञान, सामाजिक एवं मानव विज्ञान, संस्कृति एवं सूचना व संचार के जरिये अपनी गतिविधियां संचालित करता है। वह साक्षरता बढ़ानेवाले कार्यक्रमों को प्रायोजित करता है और वैश्विक धरोहर की इमारतों और पार्कों के संरक्षण में भी सहयोग करता है। यूनेस्को की विरासत सूची में हमारे देश के कई ऐतिहासिक इमारत और पार्क शामिल हैं। दुनिया भर के 332 अंतरराष्ट्रीय स्वयंसेवी संगठनों के साथ यूनेस्को के संबंध हैं। फिलहाल यूनेस्को के महानिदेशक आंद्रे एंजोले हैं। भारत 1946 से यूनेस्को का सदस्य देश है।
भारत के विश्व धरोहर स्थल का परिचय
युनेस्को विश्व विरासत स्थल ऐसे खास स्थानों (जैसे वन क्षेत्र, पर्वत, झील, मरुस्थल, स्मारक, भवन, शहर इत्यादि) को कहा जाता है, जो विश्व विरासत स्थल समिति द्वारा चयनित होते हैं; और यही समिति इन स्थलों की देखरेख युनेस्को के तत्वाधान में करती है।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य विश्व के ऐसे स्थलों को चयनित एवं संरक्षित करना होता है जो विश्व संस्कृति की दृष्टि से मानवता के लिए महत्वपूर्ण हैं। कुछ खास परिस्थितियों में ऐसे स्थलों को इस समिति द्वारा आर्थिक सहायता भी दी जाती है। अब तक (जून 2020 तक ) पूरी दुनिया में लगभग 1121 स्थलों को पुरातत्व विभाग द्वारा विश्व धरोहर स्थल घोषित किया जा चुका है जिसमें 869 सांस्कृतिक, 213 प्राकृतिक, 39 मिले-जुले।
अभी तक भारत में 38 विश्व विरासत स्थल है।
| क्र. | धरोहर का नाम | घोषित होने वाला वर्ष | राज्य |
| 1 | अजंता गुफा | 1983 | महाराष्ट्र ,औरंगाबाद |
| 2 | आगरा का किल्ला | 1983 | उत्तर प्रदेश ,आगरा |
| 3 | ताजमहल | 1983 | उत्तर प्रदेश ,आगरा |
| 4 | एलोरा गुफाएं | 1983 | महाराष्ट्र |
| 5 | कोणार्क सूर्य मंदिर | 1984 | उड़ीसा |
| 6 | महाबलीपुरम के स्मारक के समूह | 1984 | तमिलनाडु |
| 7 | केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान | 1985 | राजस्थान |
| 8 | काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान | 1985 | असम |
| 9 | मानस राष्ट्रीय उद्यान | 1985 | असम |
| 10 | गोवा के गिरजाघर एवं कॉन्वेंट | 1985 | गोवा |
| 11 | हम्पी | 1986 | कर्नाटक |
| 12 | फतेपुर सिखरी | 1986 | उत्तर प्रदेश |
| 13 | खजुराहो के मंदिर | 1986 | मध्य प्रदेश |
| 14 | सुंदरवन राष्ट्रीय उद्यान | 1987 | पश्चिम बंगाल |
| 15 | एलिफेंटा के गुफाएं | 1987 | महाराष्ट्र |
| 16 | पत्तदकल | 1987 | कर्नाटक |
| 17 | महान चोल मंदिर | 1987 | तमिलनाडु |
| 18 | नंदा देवी राष्ट्रीय उद्यान एवं फूलों कि घाठी | 1988,2005 | उत्तराखंड |
| 19 | सांची के बौद्ध स्तूप | 1989 | मध्य प्रदेश |
| 20 | हुमायूं का मकबरा | 1993 | दिल्ली |
| 21 | कुतुबमीनार एवं अन्य स्मारक | 1993 | दिल्ली |
| 22 | भारतीय पर्वतीय रेल एवं दार्जिलिंग | 1999 | |
| 23 | बौद्धगया का महाबोधि महाविहार | 2002 | बिहार |
| 24 | भीमबेटका शैलाशय | 2003 | मध्य प्रदेश |
| 25 | चांपानेर-पावागढ़ पुरातत्व उद्यान | 2004 | गुजरात |
| 26 | छत्रपति शिवाजी टर्मिनस | 2004 | महाराष्ट्र |
| 27 | जंतर मंतर, जयपुर | 2010 | राजस्थान |
| 28 | दिल्ली का लाल किल्ला | 2007 | दिल्ली |
| 29 | पश्चिम घाट | 2012 | महाराष्ट्र,गोवा,कर्नाटक तमिलनाडु |
| 30 | राजस्थान का पहाड़ी दुर्ग | 2013 | राजस्थान |
| 31 | ग्रेट हिमालयन राष्ट्रीय उद्यान | 2014 | हिमाचल प्रदेश |
| 32 | रानी की वाव | 2014 | गुजरात |
| 33 | नालन्दा महाविहार/ नालंदा विश्वविद्यालय | 2014 | बिहार |
| 34 | कंचनजंगा राष्ट्रीय उद्यान | 2016 | सिक्किम |
| 35 | ली कोर्बूजिय के वास्तुशिल्प | 2016 | चंडीगढ़ |
| 36 | अहमदाबाद का ऐतिहासिक शहर | 2017 | गुजरात |
| 37 | मुंबई का विक्टोरियन और आर्ट डेको एंसेंबंल | 2018 | मुंबई |
| 38 | गुलाबी शहर | 2019 | जयपुर |
ऊपर दिए हुए टेबल के अनुसार भारत में स्थित विश्व धरोहर के नामो का विवरण है। इस सभी स्थानों पर unesco द्वारा कुछ मदत किया जाता है। वैसे ही भारत में पुरातत्व विभाग द्वारा भी उनकी सरक्षण किया जाता है। इस स्थानों में जाने की लिए हर प्रकार कि सुविधाए अभी परिपूर्ण है। unesco के स्थलों पर जाने के लिए कुछ फीस भी भरना पड़ता है। आगे के ब्लॉग में हम इन सभी स्थलों के बारे में जानकारी पता करेंगे।
आपका अद्वितीय अंदाज बहुत प्रभावशाली है। मेरा यह लेख भी पढ़ें अजंता गुफा के बारे में
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